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पाकिस्तान में महंगाई का ‘तेल बम’: ₹520 के पार पहुँचा डीजल, पेट्रोल की कीमतों में भी भारी उछाल

  • पाकिस्तान में पेट्रोल ₹458.41 और डीजल ₹520.35 प्रति लीटर हुआ।
  • पेट्रोल पर टैक्स ₹105 से बढ़ाकर ₹160 किया गया।
  • अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़े।

इस्लामाबाद: आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान में आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की घोषणा की है। ताजा संशोधन के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹458 और डीजल ₹520 (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गई है। नई दरें गुरुवार आधी रात से प्रभावी हो गई हैं।

पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें (PKR में)

सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 55% का भारी इजाफा किया है।

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क्यों बढ़ी कीमतें? अमेरिका-ईरान युद्ध का असर

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, कीमतों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध है। इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रूट प्रभावित हुआ है, जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 109.03 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

टैक्स का नया गणित: डीजल पर राहत, पेट्रोल पर मार

कीमतों में संतुलन बनाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने टैक्स संरचना में बदलाव किया है:

  • पेट्रोल: राजस्व जुटाने के लिए पेट्रोल पर टैक्स ₹105 से बढ़ाकर ₹160 प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • डीजल: जनता को थोड़ी राहत देने के लिए डीजल पर टैक्स ₹55 से घटाकर शून्य (Zero) कर दिया गया है, ताकि माल ढुलाई की लागत बहुत ज्यादा न बढ़े।

पाकिस्तान में तेल महंगा होने की 5 बड़ी वजहें

IMF की सख्त शर्तें: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बेलआउट पैकेज के लिए सब्सिडी खत्म करने और टैक्स बढ़ाने का दबाव बनाया है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जिससे तेल आयात करना महंगा हो गया है।

ग्लोबल सप्लाई चैन: युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल आया है।

विदेशी मुद्रा भंडार में कमी: डॉलर की कमी के कारण तेल आयात करने वाले जहाजों (L/Cs) के पेमेंट में देरी हो रही है।

खपत पर नियंत्रण: सरकार का मानना है कि कीमतें बढ़ाने से ईंधन की खपत कम होगी, जिससे आयात बिल में कमी आएगी।

विशेषज्ञ की राय:

आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि खाड़ी देशों में युद्ध लंबा खिंचता है, तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें ₹600 प्रति लीटर के स्तर को भी छू सकती हैं। इससे देश में परिवहन, खेती और बिजली उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित होगा, जिससे महंगाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है।

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AVINASH MITTAL

अविनाश मित्तल एक अनुभवी स्वतंत्र पत्रकार (Independent Journalist) हैं, जो सामाजिक, स्थानीय और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से लेखन और रिपोर्टिंग करते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के साथ-साथ ये सामाजिक गतिविधियों में भी रुचि रखते हैं और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

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