बिलासपुर : भीषण गर्मी में शासकीय ई. राघवेंद्र राव कॉलेज के छात्र बेहाल, पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे विद्यार्थी

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं । न्यायधानी बिलासपुर में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है , जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। इस भीषण गर्मी के बीच शासकीय ई. राघवेंद्र राव विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय (Science College) के छात्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कॉलेज परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण छात्रों में भारी आक्रोश है।
भीषण गर्मी और पानी की समस्या
कॉलेज के एक छात्र ने वीडियो के माध्यम से अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में इस वक्त लू और प्रचंड गर्मी का प्रकोप है । ऐसे में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है, लेकिन कॉलेज में ‘पेयजल’ की स्थिति दयनीय है।
क्या है जमीनी हकीकत ??
वीडियो में छात्र ने कॉलेज के वॉटर कूलर और पीने के पानी की जगह का जायजा लिया, जहाँ स्थिति काफी चिंताजनक पाई गई ;
खराब वॉटर कूलर : परिसर में लगे वॉटर कूलर से पानी नहीं आ रहा है।
गंदगी और रखरखाव का अभाव : वॉटर कूलर की टंकी खुली हुई और बेहद गंदी है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
छात्रों की मजबूरी : प्यास बुझाने के लिए छात्रों को तपती धूप में कॉलेज परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है।
“हमें पीने के पानी के लिए इस गर्मी में भटकना पड़ता है। कॉलेज प्रशासन को छात्रों की इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।” — पीड़ित छात्र
प्रशासन से मांग
छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन से अपील की है कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। गर्मी के मौसम को देखते हुए शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई छोड़कर पानी के लिए बाहर न भटकना पड़े…!!
निष्कर्ष : शिक्षा के मंदिर में छात्रों को बुनियादी सुविधा जैसे स्वच्छ पेयजल न मिलना एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उम्मीद है कि जल्द ही कॉलेज प्रशासन इस पर संज्ञान लेगा।




