अंधविश्वास ने फिर ली मासूम की जान : करैत के डंसने के बाद अस्पताल जाने के बजाय 3 घंटे तक होती रही झाड़-फूंक , बच्चे की मौत

पत्थलगांव (जशपुर) : जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र के ग्राम दीवानपुर अखराडांड में अंधविश्वास के चक्कर में एक बार फिर एक मासूम बच्चे को अपनी जान गंवानी पड़ी है । करैत सांप के काटने के बाद समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन करीब ढाई से तीन घंटे तक झाड़-फूंक के चक्कर में फंसे रहे । जब बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया , तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।

जमीन पर सोते समय सांप ने काटा
जानकारी के मुताबिक , गुरुवार शाम को 4 वर्षीय मासूम कार्तिक मांझी (पिता मनबोध मांझी) अपने घर में भाई के साथ जमीन पर सो रहा था । उसी दौरान पास में ही बैठे परिजन आपस में बातचीत कर रहे थे । इसी बीच एक बेहद विषैले करैत सांप ने बच्चे को डंस लिया ।
अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक का सहारा
घटना के बाद परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पास के ही मोहल्ले भूदुपारा में रहने वाले ‘गुरुवारू’ नामक व्यक्ति के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए। बताया जा रहा है कि शाम करीब 6:30 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक लगातार झाड़-फूंक का खेल चलता रहा। जब बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने लगी और कोई सुधार नहीं हुआ, तब झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक ने भी अपनी असमर्थता जता दी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
तांत्रिक के हाथ खड़े करने के बाद घबराए परिजन आनन-फानन में बच्चे को बाइक पर लेकर पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम कार्तिक को मृत घोषित कर दिया ।
सर्पदंश को लेकर बड़ी चेतावनी :
विशेषज्ञ क्या कहते हैं ? यह दर्दनाक घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर करती है।
विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार
हर मिनट है कीमती : करैत जैसे अत्यधिक विषैले सांप के काटने पर शरीर में जहर बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए हर एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है।
झाड़-फूंक है जानलेवा : सर्पदंश जैसी आपातकालीन स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के भरोसे बैठना सीधे तौर पर मौत को बुलावा देना साबित हो सकता है।
एंटी-स्नेक वेनम (ASV) ही एकमात्र इलाज : सांप काटने पर बिना एक पल गंवाए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचें । अस्पताल में उपलब्ध एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपचार ही मरीज की जान बचाने का सबसे प्रभावी और एकमात्र वैज्ञानिक उपाय है।
अपील : सांप के काटने पर झाड़-फूंक , ओझा या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें । आपकी थोड़ी सी सजगता और त्वरित निर्णय किसी की अमूल्य जान बचा सकता है । तुरंत अस्पताल भागें !!



