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सिविल अस्पताल पत्थलगांव : प्रबंध व्यवस्था की लापरवाही एवं डॉक्टर की संवेदनहीनता , बनी शिक्षक की मौत का कारण

यह घटना सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व शिक्षक कार्तिकेयश्वर निषाद से जुड़ी है , जिन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था । रिपोर्ट के अनुसार , अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता और ड्यूटी डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी ।

मुख्य घटनाक्रम 7:10 AM (रविवार) : कार्तिकेयश्वर निषाद को कार में बैठे-बैठे हार्ट अटैक आया । उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल के गेट पर लाया गया ।

अस्पताल की स्थिति : गेट पर कोई अटेंडेंट या वार्ड बॉय मौजूद नहीं था । परिवार के लोग ऊपर डॉक्टरों को बुलाने गए , लेकिन वहां भी कोई नहीं मिला । आपातकालीन चिकित्सा पटल (Emergency Desk) पूरी तरह खाली था ।

ड्यूटी चार्ट में गड़बड़ी : अस्पताल के ड्यूटी बोर्ड पर डॉक्टर का नाम , मोबाइल नंबर और दिनांक खाली छोड़े गए थे । अन्य स्रोतों से पता करने पर डॉक्टर संदीप भारतेंदु को सुबह 7:52 पर फोन किया गया , लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी नहीं है (जबकि आदेश के अनुसार उनकी ड्यूटी शनिवार रात 8:00 से रविवार सुबह 8:00 बजे तक थी) ।8:00 AM : काफी मशक्कत के बाद डॉक्टर जया परहा अस्पताल के गेट पर पहुँचीं ।

संवेदनहीनता का आरोप : डॉक्टर जया परहा ने मरीज को देखने या बचाने की पहल करने के बजाय लोगों से बहस करना शुरू कर दिया । बाद में डॉक्टर शकुंतला निकुंज को बुलाया गया , जिन्होंने जांच के बाद निषाद को मृत घोषित कर दिया ।

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ड्यूटी से पल्ला झाड़ना : जब बाकी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया, तो डॉक्टर जया परहा ने यह कहकर जिम्मेदारी से मना कर दिया कि उनका समय (सुबह 8:08 बजे तक) खत्म हो चुका है ।

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उठाए गए महत्वपूर्ण सवाल

  1. ड्यूटी बोर्ड खाली क्यों ?
  2. अस्पताल के सूचना बोर्ड पर ड्यूटी डॉक्टरों की जानकारी क्यों नहीं लिखी जाती ?
  3. आदेश बनाम हकीकत : 2 मार्च के सरकारी आदेश में डॉक्टर संदीप भारतेंदु की ड्यूटी थी , फिर भी उन्होंने फोन पर ड्यूटी होने से क्यों इनकार किया ?
  4. डॉक्टरों की ट्रेनिंग : क्या सरकारी डॉक्टरों को सिर्फ डिग्री दी जाती है या उन्हें नैतिकता और जिम्मेदारी की ट्रेनिंग भी दी जाती है ?
  5. जांच की निष्पक्षता : क्या जिले के आला अफसर इस मामले की गंभीरता से जांच करेंगे या हर बार की तरह मामले पर पर्दा डाल दिया जाएगा ? नोट : नियमों के अनुसार , ड्यूटी खत्म होने के बाद भी जब तक दूसरा डॉक्टर चार्ज न ले ले , तब तक आपातकालीन स्थिति में मरीज को देखना अनिवार्य होता है…!!

Pawan Agrawal

प्रधान संपादक , राष्ट्रवादी न्यूज़ ✍️🇮🇳 होटल मिलन 🏢🎑🏕️🏡 सांवरिया स्टेशनरी & गिफ्ट गैलरी 📝📒🎒🎉🎁🎈 नगर पालिका के सामने , जशपुर रोड (पत्थलगांव) 496118

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