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ईरान युद्ध के बीच ‘लॉकडाउन’ का फर्जी नोटिस वायरल: PDF खोलते ही निकला ‘April Fool’, सरकार ने दी चेतावनी

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के उद्देश्य से जारी एक फर्जी ‘लॉकडाउन नोटिस’ ने देशभर में हड़कंप मचा दिया। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक पीडीएफ (PDF) फाइल तेजी से शेयर की गई, जिसमें दावा किया गया कि युद्ध के हालातों को देखते हुए देश में लॉकडाउन लगाया जा रहा है। हालांकि, जब सतर्क लोगों ने इस फाइल को खोलकर देखा, तो अंदर ‘April Fool’ लिखा हुआ था।

इस शरारत ने न केवल आम जनता को डराया, बल्कि सरकार को भी तुरंत स्पष्टीकरण जारी करने के लिए मजबूर कर दिया।

सरकारी प्रतीकों का इस्तेमाल कर फैलाई गई दहशत

वायरल हो रहे इस फर्जी नोटिस को बेहद चालाकी से तैयार किया गया था। इसमें अशोक चक्र और संबंधित मंत्रालयों के लोगो (Logo) का इस्तेमाल किया गया था ताकि यह पहली नजर में आधिकारिक लगे। इसकी भाषा और फॉर्मेट भी हुबहू सरकारी आदेशों जैसी थी। लेकिन जैसे ही यूजर ने अटैचमेंट या लिंक खोला, वहां एक इमोजी के साथ ‘अप्रैल फूल’ का संदेश दिखाई दिया।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया खंडन

अफवाहों को बढ़ता देख केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा:

“लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह निराधार और झूठी हैं। सरकार के स्तर पर ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। संकट के समय में ऐसी अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और समाज के लिए नुकसानदायक है।”

आखिर क्यों लोगों ने सच मान ली यह अफवाह?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस फर्जी संदेश के इतनी तेजी से फैलने के पीछे तीन मुख्य कारण रहे:

  • ईरान-इजराइल तनाव: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध और हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका से लोग पहले से ही चिंतित हैं।
  • ईंधन की बढ़ती कीमतें: भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों को लेकर उपजी असुरक्षा ने आग में घी का काम किया।
  • कोविड की यादें: 2020 के लॉकडाउन के कड़वे अनुभवों के कारण लोग “लॉकडाउन” शब्द सुनते ही पैनिक (Panic) हो जाते हैं।

सरकार के तीन दिग्गजों ने किया अफवाहों का अंत

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संसद में दिए गए एक बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने के बाद से ही भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। स्थिति स्पष्ट करने के लिए कैबिनेट के तीन प्रमुख मंत्रियों ने बयान जारी किए हैं

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राजनीतिक प्रतिक्रिया:

विपक्ष ने घेराइस माहौल के बीच विपक्ष ने भी सरकार के बयानों पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार कोविड के समय की दुखद स्थितियों को शायद भूल गई है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल उठाया कि क्या सरकार देश को फिर से ऊर्जा संकट और महंगाई के दबाव में डालना चाहती है।

निष्कर्ष और सलाह

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं लगाया गया है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि

  • किसी भी संदेहास्पद PDF या लिंक को बिना जांचे फॉरवर्ड न करें।
  • केवल आधिकारिक सरकारी हैंडल्स और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
  • डिजिटल साक्षर बनें और ‘अप्रैल फूल’ के नाम पर दहशत फैलाने वाले शरारती तत्वों से सावधान रहें।

भारत: अफवाहों का मनोविज्ञान और ‘सामूहिक उन्माद’ का संज्ञानात्मक विश्लेषण

AVINASH MITTAL

अविनाश मित्तल एक अनुभवी स्वतंत्र पत्रकार (Independent Journalist) हैं, जो सामाजिक, स्थानीय और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से लेखन और रिपोर्टिंग करते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सक्रियता के साथ-साथ ये सामाजिक गतिविधियों में भी रुचि रखते हैं और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

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