महासमुंद की रेल परियोजना की गूंज संसद में: सांसद रूपकुमारी चौधरी ने लोकसभा में उठाई वर्षो पुरानी रेललाइन की मांग

महासमुंद पिथौरा| महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी उम्मीद जगी है। क्षेत्र की लोकप्रिय सांसद और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने देश के सर्वोच्च सदन, लोकसभा में आरंग–पिथौरा–बसना–सरायपाली से बरगढ़–संबलपुर तक नई रेललाइन निर्माण की दशकों पुरानी मांग को प्रमुखता से उठाया है।
35 वर्षों का लंबा संघर्ष और जन-आकांक्षाएं
यह रेललाइन परियोजना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों नागरिकों, किसानों और युवाओं के सपनों से जुड़ी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़-ओडिशा रेल संघर्ष समिति पिछले लगभग 35 वर्षों से इस मांग को लेकर संघर्षरत है। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने इस संघर्ष को सम्मान देते हुए सदन के पटल पर क्षेत्र की भावनाओं को मजबूती से रखा।
क्षेत्र के आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
सांसद ने सदन को अवगत कराया कि इस नई रेललाइन के निर्माण से:
- किसानों को लाभ: कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और नई मंडियों तक पहुंच बढ़ेगी।
- युवाओं के लिए रोजगार: बेहतर कनेक्टिविटी से नए उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
- आवागमन में सुविधा: महासमुंद से ओडिशा के संबलपुर तक का सफर आसान और सस्ता होगा।
सांसद रूपकुमारी की पहल से बसना-सरायपाली को मिली 69 करोड़ की सड़क सौगात
क्षेत्र में हर्ष की लहर
सांसद द्वारा लोकसभा में इस मुद्दे को उठाने पर क्षेत्र के नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि रूपकुमारी चौधरी जी ने अपनी सक्रियता से यह सिद्ध कर दिया है कि वे जनता की आवाज को दिल्ली तक पहुँचाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
“यह रेललाइन क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा साबित होगी। लंबे समय से लंबित इस मांग को सदन में उठाकर सांसद महोदया ने लाखों लोगों की आशाओं को नई ऊर्जा दी है।”— अधिवक्ता शैलेश अग्रवाल जिला विधि प्रमुख बीजेपी युवा मोर्चा




