पत्थलगांव: C2 सिनेमा में ‘हनुमान अंश’ की मांग तेज , अश्लीलता फैलाने वाली ‘टॉक्सिक’ के खिलाफ फूटा जनआक्रोश !!

पत्थलगांव: C2 सिनेमा में ‘हनुमान अंश’ की मांग तेज, अश्लीलता फैलाने वाली ‘टॉक्सिक’ के खिलाफ फूटा जनआक्रोश
पत्थलगांव: एक तरफ जहां समाज को प्रेरणा देने वाली और आध्यात्मिक चेतना जगाने वाली फिल्म ‘हनुमान अंश’ को देखने के लिए दर्शक उत्सुक है , वहीं दूसरी ओर स्थानीय C2 सिनेमा प्रबंधन पर युवाओं की मानसिकता बिगाड़ने वाली और नग्नता-अश्लीलता से भरपूर मूवी ‘टॉक्सिक’ को जबरन थोपने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
जनभावनाओं की अनदेखी और C2 सिनेमा का गैर-जिम्मेदाराना रवैया
पत्थलगांव के स्थानीय निवासी और सनातनी परिवार लगातार C2 सिनेमा से ‘हनुमान अंश’ लगाने का अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन का रवैया बेहद निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना बना हुआ है:
- गैर-जिम्मेदाराना जवाब: आधिकारिक टिकट बुकिंग नंबर पर संपर्क करने पर कर्मचारी “हमें नहीं पता, मैनेजर जानेगा” कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। और मैनेजर का नम्बर मांगने पर कॉल कट कर देत है ।
- दर्शकों के मैसेज अनदेखा करना: सिनेमा मैनेजमेंट न तो फोन उठा रहे हैं और व्हाट्सएप पर दर्शकों के अनुरोध और संदेशों को देखकर भी जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं।
कमाई का लालच या संस्कृति पर प्रहार?
क्या C2 सिनेमा प्रबंधन यह मान बैठा है कि पत्थलगांव के युवा केवल अश्लीलता और वल्गैरिटी ही देखना पसंद करेंगे? धरातल पर किया गया सर्वे साफ बताता है कि जनता अपने परिवारों के साथ ‘हनुमान अंश’ देखना चाहती है। इसके बावजूद अश्लीलता के प्रतीक ‘टॉक्सिक’ को प्राथमिकता देना दर्शकों के स्वाभिमान और सांस्कृतिक मूल्यों का सीधा अपमान है।
हमारा स्पष्ट आह्वान और मांगें
‘राष्ट्रवादी न्यूज’ को लगातार क्षेत्र के जागरूक परिवारों और युवाओं के कॉल आ रहे हैं। जनआक्रोश को देखते हुए C2 सिनेमा प्रबंधन के समक्ष सीधी मांगें रखी जाती हैं:
- ‘टॉक्सिक’ का तत्काल बहिष्कार: युवाओं को गलत मार्ग पर ले जाने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ के शो तुरंत प्रभाव से हटाए जाएं।
- ‘हनुमान अंश’ का प्रदर्शन: जनता की भारी मांग को स्वीकार करते हुए आध्यात्मिक और प्रेरणादायक मूवी ‘हनुमान अंश’ को सिनेमाघर में तुरंत लगाया जाए।
यदि सिनेमा प्रबंधन अपनी मनमानी बंद नहीं करता और जनभावनाओं का सम्मान नहीं करता, तो पत्थलगांव का हर जागरूक नागरिक और सनातनी परिवार इस रवैये का कड़ा विरोध करेगा। आइए, एकजुट होकर सांस्कृतिक गिरावट का विरोध करें और ‘टॉक्सिक’ का पूर्ण बहिष्कार करें!





