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7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा , FIR के 40 दिन में आया फैसला

FIR के 40 दिन में आया फैसलाकांसाबेल पॉक्सो मामले में जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी का परिणाम

जशपुर/कांसाबेल। थाना कांसाबेल क्षेत्र में 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के गंभीर पॉक्सो मामले में न्यायालय ने 62 वर्षीय आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले में जशपुर पुलिस द्वारा त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के चलते FIR दर्ज होने के महज 40 दिनों के भीतर न्यायालय से फैसला आया।

अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.सी. जशपुर श्री जनार्दन खरे के न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार अभियोग पत्र 2 सितंबर 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिसके मात्र 23 दिनों बाद 24 सितंबर 2026 को न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार पीड़िता के पिता ने 13 अगस्त 2026 को थाना कांसाबेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 7 वर्षीय बच्ची 9 अगस्त की शाम करीब 6 बजे गांव में एक व्यक्ति के घर टीवी देखते हुए खाना खा रही थी।इसी दौरान आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू वहां पहुंचा और बच्ची को रोटी खाने के लिए अपने साथ ले गया। आरोपी उसे अपने घर ले गया और कथित रूप से दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।कुछ समय बाद बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति द्वारा आरोपी के घर की खिड़की से अंदर देखने की बात सामने आई। इसके बाद परिजनों ने बच्ची से घटना के संबंध में पूछताछ की, जिसमें बच्ची ने आरोपी द्वारा उसके साथ गलत कृत्य किए जाने की जानकारी दी।घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्ची के पिता ने 13 अगस्त 2026 को थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के विरुद्ध धारा 65(2) बीएनएस तथा धारा 4 एवं 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार की विवेचना

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने विवेचना की।विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया गया। पीड़िता एवं संबंधित साक्षियों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता तथा आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और मामले से जुड़े वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को विधिवत संकलित किया गया।

पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूर्ण करते हुए आरोपी के विरुद्ध धारा 96, 65(2), 127(2) बीएनएस तथा धारा 4 एवं 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पत्र 2 सितंबर 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।दो महीने में दूसरे गंभीर मामले में भी सजापुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ताम्रकार की विवेचना में इससे पूर्व भी एक गंभीर दुष्कर्म प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। पुलिस के अनुसार उस मामले में 13 वर्षीय बालिका के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किए जाने का आरोप था और करीब दो माह के अंतराल में उस मामले में भी न्यायालय से सजा हुई।

अभियोग पत्र के 23 दिन बाद फैसलाइस प्रकरण में पुलिस ने 2 सितंबर को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए 24 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाया गया।इस प्रकार अभियोग पत्र प्रस्तुत होने के मात्र 23 दिनों के भीतर आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई। वहीं FIR दर्ज होने से निर्णय तक करीब 40 दिनों में मामले का फैसला सामने आया।विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवीप्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.सी. जशपुर श्री जनार्दन खरे के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) श्री अनुपम कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी की।विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित कुल 13 साक्षियों का परीक्षण कराया गया तथा प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध किया।

आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

न्यायालय ने आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू (62 वर्ष) को विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया।- धारा 65(2) बीएनएस: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड।- धारा 127(2) बीएनएस: 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।- धारा 6 पॉक्सो अधिनियम: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड।अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में पृथक कारावास का प्रावधान किया गया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

एसएसपी ने कहा—अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ प्रभावी अभियोजन के माध्यम से आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित कराने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि पॉक्सो के इस गंभीर मामले में पुलिस की कुशल विवेचना और विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय से 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली है। अपराधियों के विरुद्ध जशपुर पुलिस की सशक्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।यदि

Pawan Agrawal

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