पत्थलगांव में एक साथ गूंजा ‘वंदे मातरम्’, हजारों लोगों ने किया संपूर्ण राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ आयोजन, विधायक गोमती साय रहीं मुख्य अतिथि, जिला प्रचारक कमलेश चंद्रा ने रखा उद्बोधन

पत्थलगांव। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत शुक्रवार को पत्थलगांव के सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, विद्यार्थी, अभिभावक एवं नगर के नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने एक स्वर और एक लय में संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया।देशभर के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों एवं अन्य स्थानों पर एक साथ सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य सामूहिक गायन को विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुत करना था। देशभर में 25 सितंबर को ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने की रिपोर्टें भी सामने आई हैं।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
पत्थलगांव में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक कमलेश चंद्रा मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इसके बाद निर्धारित समय पर हजारों उपस्थित लोगों ने एक साथ संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। सामूहिक गायन के दौरान पूरा विद्यालय परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से गूंज उठा। देश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी अभियान के तहत 25 सितंबर को एक समय पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर जिला प्रचारक कमलेश चंद्रा का संबोधन
मुख्य वक्ता कमलेश चंद्रा ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन से इसके जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रभाव की अभिव्यक्ति के रूप में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान व्यापक रूप से प्रयुक्त हुआ। कमलेश चंद्रा ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों से राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने तथा देश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विद्यार्थी जीवन का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि बालक केशव जब नवम कक्षा में थे तब ब्रिटिश सरकार द्वारा वंदे मातरम बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया था किंतु जब ब्रिटिश अधिकारी का उनके विद्यालय में निरीक्षण हेतु आना तय हुआ तो उन्होंने योजना तैयार की । अब जब वो ब्रिटिश अधिकारी जिस कक्षा में जाता सभी कक्षा वाले एक आवाज में “वंदे मातरम” का जोर से उद्घोष करते । इतने में ब्रिटिश अधिकारी ने शर्त रखी कि या तो बालक केशव को स्कूल से निकाला जाए या फिर सामूहिक रूप से माफी मांगे । लेकिन बाल केशव कहा माफी मांगते उन्होंने स्कूल छोड़ना ज्यादा सही समझा और आगे चलकर वह डॉक्टर बने । इसके आगे चलकर “वंदे मातरम” के ध्येय के साथ विश्व का सबसे बड़ा हिंदू संगठन RSS की स्थापना किए ।”
विधायक गोमती साय ने भी किया संबोधन

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक गोमती साय ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने सामूहिक वंदे मातरम् गायन के आयोजन को लेकर अपने विचार रखे और विद्यार्थियों तथा उपस्थित नागरिकों से राष्ट्रभाव एवं सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
विद्यालय अध्यक्ष ने रखे विचार, प्राचार्य ने जताया आभार

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार पाढ़ी ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित देशव्यापी अभियान की पत्थलगांव में भी सहभागिता का अवसर बना।




