बड़ी खबर: कल से टोल प्लाजा पर बंद होगा कैश, सिर्फ FASTag और UPI से होगा भुगतान; जानें नए नियम
अगर आप कल से घर से बाहर निकल रहे हैं और टोल प्लाजा से गुज़रने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान (Cash Payment) को पूरी तरह बंद कर दिया है।

Toll Plaza New Rules: अगर आप कल घर से अपनी गाड़ी लेकर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार, कल से देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद (Cash) भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह बंद किया जा रहा है। अब वाहन चालकों को केवल FASTag या UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm) के जरिए ही टोल टैक्स देना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ‘जीरो वेटिंग टाइम’ सुनिश्चित करना है।
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नए नियमों की मुख्य बातें
- नो कैश पॉलिसी: टोल बूथ पर अब कैश काउंटर नहीं होंगे।
- FASTag अनिवार्य: जिन गाड़ियों पर सक्रिय (Active) FASTag नहीं होगा, उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
- UPI का विकल्प: यदि FASTag में बैलेंस खत्म है, तो आप मौके पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे।
- जुर्माना: बिना FASTag के ‘FASTag लेन’ में घुसने पर अभी भी दोगुना टोल टैक्स वसूलने का प्रावधान जारी रहेगा
बिना FASTag वालों का क्या होगा?
अगर आपकी गाड़ी में FASTag नहीं लगा है, तो आपको टोल प्लाजा पर ही टैग खरीदने की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, भीड़ से बचने के लिए सलाह दी जाती है कि आप आज ही अपना FASTag रिचार्ज कर लें या नया टैग लगवा लें।
UPI भुगतान कैसे करेगा मदद?
कई बार तकनीकी खराबी या बैलेंस की कमी के कारण FASTag काम नहीं करता। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए अब हर टोल लेन पर Dynamic QR Code की सुविधा दी गई है, जिससे सीधे बैंक खाते से भुगतान किया जा सकेगा।
ड्राइवर्स के लिए जरूरी टिप्स:
- बैलेंस चेक करें: यात्रा शुरू करने से पहले अपने FASTag वॉलेट का बैलेंस जरूर जांच लें।
- KYC अपडेट: सुनिश्चित करें कि आपके FASTag की KYC पूरी हो, वरना टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है
- UPI ऐप तैयार रखें: इमरजेंसी के लिए अपने फोन में UPI ऐप (जैसे BHIM, PhonePe या GPay) को एक्टिव रखें।
निष्कर्ष: सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया की ओर एक और बड़ा प्रयास है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की बर्बादी भी कम होगी।
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