संस्कृत स्नातक सहायक शिक्षकों ने पदोन्नति की उठाई मांग: संयुक्त संचालक बस्तर संभाग को सौंपा ज्ञापन, 15 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने का निवेदन

जगदलपुर (बस्तर संभाग):
बस्तर संभाग के संस्कृत साहित्य स्नातक प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों (एल.बी. टी-संवर्ग) ने शिक्षक पद पर अविलंब पदोन्नति की मांग को लेकर संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बस्तर (जगदलपुर) को ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार 15 अगस्त 2026 तक पदोन्नति की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है।
2019 के नियम से वंचित रहे शिक्षकों को 2026 के नए राजपत्र से जगी उम्मीद
शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2019 में जारी राजपत्र में संस्कृत विषय के लिए योग्यता संबंधी कुछ व्यावहारिक विसंगतियाँ थीं, जिसके कारण संस्कृत साहित्य में स्नातक (B.A. Classics/संस्कृत) उपाधिधारक सहायक शिक्षक पदोन्नति लाभ से वंचित रह गए थे। इसके कारण संभाग में संस्कृत शिक्षक के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
हालांकि, 13 फरवरी 2026 को जारी नए छत्तीसगढ़ राजपत्र में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन किया गया है। अब अन्य विषयों की भांति संस्कृत साहित्य विषय में स्नातक एवं 5 वर्ष का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को पदोन्नति हेतु स्पष्ट रूप से पात्र माना गया है।
शिक्षकों की मुख्य मांगें:
- पृथक वरिष्ठता सूची: संस्कृत साहित्य विषय के लिए अलग से विषयवार वरिष्ठता (Seniority) सूची तैयार कर पदोन्नति दी जाए।
- प्रक्रिया में प्राथमिकता: संस्कृत साहित्य के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया को अन्य विषयों की तुलना में प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
- बैकलॉग व वर्तमान पदों की गणना: पूर्व वर्षों के शेष रिक्त पदों तथा वर्तमान में स्वीकृत रिक्त पदों का सही आकलन कर पदोन्नति प्रदान की जाए।
15 अगस्त तक पदोन्नति आदेश जारी करने का आग्रह
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) अटल नगर द्वारा जारी आदेश (दिनांक 30-06-2026) का हवाला देते हुए प्रतिनिधियों ने मांग की है कि निर्धारित समय-सारणी और 13 फरवरी 2026 के राजपत्र के नियमों के तहत 15 अगस्त 2026 से पूर्व पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं, ताकि वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे संस्कृत स्नातक शिक्षकों को न्याय मिल सके।




